*संपत्ति कर, जलकर और कचरा प्रबंधन की होगी एक ही आईडी*
*कर भुगतान का होगा सरलीकरण – भुगतान के होंगे विभिन्न विकल्प*
🎯 त्रिलोक न्यूज चैनल
इंदौर, दिनांक 23 जुलाई 2025।
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में डिजिटल इंदौर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज इंदौर नगर निगम में निगम पोर्टल के बेहतर क्रियान्वयन हेतु बैठक आयोजित की गई।बैठक में सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रभारी श्री राजेश उदावत, महापौर परिषद सदस्य श्री राकेश जैन, अपर आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, श्री नरेन्द्रनाथ पांडे, श्री अनिल बनवारियां, निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारीगण तथा पोर्टल निर्माण कार्य में संलग्न कंपनी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य इंदौर नगर निगम पोर्टल के प्रभावी और समग्र उपयोग को सुनिश्चित करना था। इस अवसर पर पोर्टल निर्माण कर रही एजेंसी द्वारा विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से पोर्टल की संरचना, कार्यप्रणाली एवं नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई।
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि डिजिटल इंदौर की संकल्पना को साकार करने के लिए एकीकृत नगर निगम पोर्टल का निर्माण अत्यंत आवश्यक है, जिससे नागरिकों को घर बैठे विभिन्न सेवाएं सरल, सुलभ और पारदर्शी रूप से मिल सकें।
बैठक में सर्वप्रथम राजस्व वसूली प्रणाली पर चर्चा की गई, जिसमें संपत्ति कर, जल कर एवं कचरा प्रबंधन शुल्क जैसे करों की वसूली एक ही करदाता आईडी के माध्यम से करने की योजना प्रस्तुत की गई। डिजिटल पते (Digital Address) को प्रणाली में जोड़कर एकीकृत पहचान प्रणाली (Unified Identification) विकसित करने पर बल दिया गया, जिससे करदाता को बार-बार विवरण भरने की आवश्यकता नहीं होगी और दोहरे खातों की समस्या से मुक्ति मिलेगी। यह व्यवस्था संपदा पोर्टल से भी समन्वित की जाएगी।
प्रेजेंटेशन के दौरान बताया गया कि भुगतान के लिए पोर्टल पर विविध विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे नागरिक अपनी सुविधा अनुसार भुगतान कर सकेंगे। साथ ही संपत्ति कर संबंधी प्रक्रिया में एआरओ (असिस्टेंट रेवेन्यू ऑफिसर) से लेकर बिल कलेक्टर और कैशियर तक की भूमिका पोर्टल के माध्यम से सुव्यवस्थित रूप से निर्धारित की गई है।
बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीकरण के साथ-साथ विवाह पंजीयन प्रक्रिया के सरलीकरण पर भी विशेष चर्चा की गई। सुझाव दिया गया कि पति-पत्नी में से एक इंदौर में है और दूसरा किसी अन्य शहर में, तो ऐसी स्थिति में किसी एक की भौतिक उपस्थिति और दूसरे की वर्चुअल उपस्थिति (वीडियो कॉल) के माध्यम से विवाह पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जा सके, जिससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
इस अवसर पर शहर के वार्ड स्तरीय मास्टर प्लान की डिजिटाइजेशन प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श किया गया। योजना के तहत प्रत्येक वार्ड का पृथक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसे पोर्टल पर आम नागरिकों की जानकारी के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रभारी श्री राजेश उदावत ने बताया कि यह पोर्टल न केवल राजस्व वसूली को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि सभी विभागों के समन्वय से नागरिक सेवाओं को डिजिटल रूप से एकीकृत करेगा, जिससे इंदौर को स्मार्ट गवर्नेंस के क्षेत्र में एक नई ऊँचाई मिलेगी।













